अध्याय–1 : INTELLIGENCE (बुद्धि)
1.4 Historical Development of Intelligence (बुद्धि की अवधारणा का ऐतिहासिक विकास)
आज जब हम Intelligence (बुद्धि) शब्द सुनते हैं, तो हमारे मन में अनेक शब्द आते हैं, जैसे—IQ (Intelligence Quotient), Mental Age (मानसिक आयु), Reasoning (तर्क), Problem Solving (समस्या समाधान), Gardner, Sternberg आदि। लेकिन बुद्धि की यह अवधारणा (Concept of Intelligence) एक दिन में विकसित नहीं हुई। इसके पीछे लगभग दो हजार वर्षों का इतिहास छिपा है।
प्रारम्भ में बुद्धि को केवल ज्ञान (Knowledge) और विवेक (Wisdom) माना जाता था। समय के साथ दार्शनिकों (Philosophers) और मनोवैज्ञानिकों (Psychologists) ने बुद्धि का अध्ययन किया और धीरे-धीरे यह सिद्ध किया कि बुद्धि केवल ज्ञान का संग्रह नहीं, बल्कि ज्ञान का उचित उपयोग करने की क्षमता है।
इस ऐतिहासिक विकास (Historical Development) को समझना इसलिए भी आवश्यक है क्योंकि HTET तथा अन्य शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में अक्सर प्रश्न पूछा जाता है कि किस मनोवैज्ञानिक ने कौन-सा योगदान दिया?
प्राचीन काल (Ancient Period)
बुद्धि के अध्ययन की शुरुआत प्राचीन यूनान (Ancient Greece) से मानी जाती है। उस समय कोई बुद्धि परीक्षण (Intelligence Test) नहीं था। लोग किसी व्यक्ति की बुद्धिमत्ता का अनुमान उसके व्यवहार, विचार और निर्णयों से लगाते थे।
Socrates का विश्वास था कि "Knowledge is Virtue." अर्थात् "ज्ञान ही सद्गुण है।" उनका मानना था कि जो व्यक्ति सही ज्ञान रखता है, वह सही कार्य भी करेगा।
उनके शिष्य Plato ने बुद्धि को आत्मा (Soul) का सर्वोच्च गुण माना। उनके अनुसार बुद्धि मनुष्य को सत्य (Truth) और न्याय (Justice) का मार्ग दिखाती है।
बाद में Aristotle ने बुद्धि को Reason (तर्क) से जोड़ा। उन्होंने कहा कि तर्क करने की क्षमता ही मनुष्य को अन्य जीवों से अलग बनाती है।
उस समय बुद्धि को मापने (Measurement) की कोई वैज्ञानिक विधि उपलब्ध नहीं थी। इसलिए किसी भी व्यक्ति की बुद्धिमत्ता का अनुमान केवल उसके व्यवहार (Behaviour) और निर्णय (Judgment) के आधार पर लगाया जाता था।
उदाहरण
यदि प्राचीन काल में किसी गाँव में दो व्यक्तियों के बीच विवाद होता था और उनमें से एक व्यक्ति शांतिपूर्वक दोनों पक्षों की बात सुनकर उचित निर्णय देता था, तो लोग उसे बुद्धिमान मानते थे।
ध्यान दीजिए, उस समय कोई परीक्षा (Test) या IQ नहीं था। बुद्धि का मूल्यांकन केवल व्यवहार से किया जाता था।
मध्यकाल (Medieval Period)
मध्यकाल में बुद्धि का अध्ययन मुख्यतः धर्म (Religion) और दर्शन (Philosophy) के आधार पर किया गया। उस समय यह माना जाता था कि बुद्धि ईश्वर (God) का वरदान (Gift) है। वैज्ञानिक अनुसंधान (Scientific Research) बहुत कम था, इसलिए बुद्धि को मापने का कोई वस्तुनिष्ठ (Objective) तरीका विकसित नहीं हो पाया।
इस काल में लोगों का ध्यान बुद्धि की वैज्ञानिक व्याख्या की अपेक्षा नैतिकता (Morality) और धार्मिक शिक्षा (Religious Education) पर अधिक था।
आधुनिक युग की शुरुआत (Beginning of Modern Psychology)
उन्नीसवीं शताब्दी (19th Century) में विज्ञान (Science) और मनोविज्ञान (Psychology) का तेजी से विकास हुआ। अब वैज्ञानिकों ने यह प्रश्न उठाया—
"यदि ऊँचाई, वजन और तापमान को मापा जा सकता है, तो क्या बुद्धि को भी मापा जा सकता है?"
यहीं से आधुनिक बुद्धि-अनुसंधान (Modern Intelligence Research) का आरम्भ हुआ।
यह प्रश्न मनोविज्ञान के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ, क्योंकि इसी के बाद बुद्धि परीक्षण (Intelligence Tests) विकसित होने लगे।
Exam Focus (परीक्षा बिंदु)
प्रतियोगी परीक्षाओं में निम्न प्रकार के प्रश्न पूछे जा सकते हैं—
- प्राचीन यूनानी दार्शनिकों ने बुद्धि को किस रूप में देखा?
- Aristotle ने बुद्धि को किससे जोड़ा?
- वैज्ञानिक रूप से बुद्धि के अध्ययन की शुरुआत किस काल में हुई?
- बुद्धि परीक्षण विकसित होने से पहले बुद्धि का आकलन किस आधार पर किया जाता था?
Solved Example (हल सहित उदाहरण)
प्रश्न
प्राचीन काल में किसी व्यक्ति की बुद्धिमत्ता का आकलन मुख्य रूप से किस आधार पर किया जाता था?
(A) IQ Test
(B) Intelligence Scale
(C) व्यवहार एवं निर्णय (Behaviour and Judgment)
(D) Mental Age
समाधान
प्राचीन काल में बुद्धि मापने का कोई वैज्ञानिक परीक्षण उपलब्ध नहीं था। इसलिए व्यक्ति के व्यवहार, विचार और निर्णय के आधार पर उसकी बुद्धिमत्ता का अनुमान लगाया जाता था।
सही उत्तर : (C) व्यवहार एवं निर्णय (Behaviour and Judgment)
एक और उदाहरण
एक विद्यार्थी ने पूछा—
"सर, यदि पहले IQ Test नहीं थे, तो लोग कैसे पहचानते थे कि कौन बुद्धिमान है?"
शिक्षक ने उत्तर दिया—
"बेटा, पहले लोग व्यक्ति के व्यवहार, निर्णय, तर्क और समाज में उसके कार्यों को देखकर उसकी बुद्धिमत्ता का अनुमान लगाते थे। आज हमारे पास बुद्धि परीक्षण (Intelligence Tests) हैं, लेकिन पहले ऐसा नहीं था।"
स्वयं अभ्यास करें (Practice Questions)
1. Socrates के अनुसार ज्ञान क्या है?
(A) Wealth (धन)
(B) Virtue (सद्गुण)
(C) Power (शक्ति)
(D) Intelligence Test
2. Aristotle ने बुद्धि का संबंध मुख्य रूप से किससे जोड़ा?
(A) Memory (स्मृति)
(B) Reason (तर्क)
(C) Emotion (संवेग)
(D) Motivation (अभिप्रेरणा)
3. प्राचीन काल में बुद्धि का आकलन मुख्यतः किस आधार पर किया जाता था?
(A) IQ Test
(B) Mental Age
(C) Behaviour and Judgment
(D) Stanford–Binet Test
उत्तर
1. (B) 2. (B) 3. (C)
(अगले विषय में: 1.4.1 Francis Galton (फ्रांसिस गाल्टन) — आधुनिक बुद्धि-अनुसंधान का प्रारम्भ)
English Tags
#HTET# #EducationalPsychology# #Intelligence# #MeaningOfIntelligence# #NatureOfIntelligence# #CharacteristicsOfIntelligence# #HistoricalDevelopmentOfIntelligence# #PsychologyForHTET# #ChildDevelopmentAndPedagogy# #CDP# #HTETPreparation# #CTETPreparation# #REETPreparation# #TeachingExams# #IntelligenceTheory# #Reasoning# #ProblemSolving# #DecisionMaking# #EducationalNotes# #FactWarrior#
हिन्दी Tags
#एचटीईटी# #शिक्षामनोविज्ञान# #बुद्धि# #बुद्धिकाअर्थ# #बुद्धिकास्वरूप# #बुद्धिकीविशेषताएँ# #बुद्धिकाऐतिहासिकविकास# #बालविकासएवंशिक्षाशास्त्र# #सीडीपी# #एचटीईटीतैयारी# #सीटीईटीतैयारी# #रीटतैयारी# #शिक्षकभर्तीपरीक्षा# #बुद्धिपरीक्षण# #तर्कशक्ति# #समस्यासमाधान# #निर्णयक्षमता# #द्विभाषीनोट्स# #सरलअध्ययन# #फैक्टवॉरियर#

No comments:
Post a Comment